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राजस्थान के राज्यपाल ने गरीबो के विकास योजनाओ के लिए कदम उठाये

जयपुर, 27 सितंबर। राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने कहा है कि गांव के गरीब व्यक्ति के उत्थान के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को धरातल पर उतारकर गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशी लायें। 


श्री मिश्र शुक्रवार को उदयपुर सर्किट हाउस में जनजाति क्षेतर््ीय विकास विभाग और पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र से जुड़े अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। 
उन्होंने जनजाति क्षेतर््ीय विकास विभाग के माध्यम से संचालित हो रहे विकास कार्यक्रमों और कल्याणकारी योजनाओं पर खुशी जताई और कहा कि योजनाओं से हर व्यक्ति लाभ प्राप्त करें, इसके लिए विस्तृत डाटा तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह भी अच्छी बात है कि जनजाति क्षेतर्् के लिए बजट भी पर्याप्त आ रहा है ऎसे में अधिकारियों को इन योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए इनसे प्राप्त हो रहे लाभ की पुष्टि की जानी चाहिए तभी योजनाएं सफल होंगी।  


राज्यपाल ने देश के आम व्यक्ति के हित के लिए लागू की गई आयुष्मान भारत योजना, इंद्रधनुष योजना आदि का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को ऎसी योजनाओं का पूरा-पूरा लाभ दिलाएं जाने की आवश्यकता भी जताई। उन्होंने जनजाति क्षेतर्् में महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से महिला स्वयं सहायता समूहों के कौशल विकास करते हुए विविध प्रकार के सोलर उत्पादों को तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।  


बैठक दौरान राज्यपाल ने टीएडी व पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली और इनके सफल क्रियान्वयन के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।  
इससे पूर्व बैठक के आरंभ में जनजाति क्षेतर््ीय विकास विभाग के आयुक्त श्री विकास एस. भाले ने राज्यपाल का स्वागत किया। इसके बाद जनजाति क्षेतर््ीय विकास विभाग की गतिविधियों पर टीएडी की अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अंजलि राजोरिया ने तथा पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की गतिविधियों पर अतिरिक्त निदेशक श्री सुधांशु सिंह ने पॉवर प्वाईंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से जानकारी प्रदान की। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती बिनिता ठाकुर, जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी, जिला पुलिस अधीक्षक कैलाश चन्द्र विश्नोई सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे। 

राज्यपाल श्री मिश्र ने कहा कि जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा जनजाति उपयोजना क्षेतर्् के हर जिले से पांच-पांच गांव का चयन किया जावें और इनमें केन्द्र व राज्य की सभी योजनाओं को लागू करते हुए आदर्श बनाया जावें। उन्होंने इसके तहत आधारभूत सुविधाओं यथा बिजली, पेयजल, सड़क, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य इत्यादि का विस्तार करने के साथ सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के  लिए कार्ययोजना तैयार करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए। 
राज्यपाल ने कहा कि जनजाति क्षेत्र में छोटे-छोटे उद्योगों को आवश्यकतानुसार अनुदान देकर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता जताई और इन उद्योगों के स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग के लिए व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस क्षेतर्् में पाये जाने वाले बांस से बनने वाले भांति-भांति के उत्पादों का उल्लेख किया और कहा कि गांव-देहातों के निरक्षर लोगों के हाथों में भी हुनर है, उनका भी कौशल उन्नयन करते हुए प्रोत्साहित किया जावें।

बैठक में राज्यपाल ने जनजाति क्षेतर्् में सांस्कृतिक गतिविधियों के अधिकाधिक आयोजन के माध्यम से आमजन तक सरकार का जुड़ाव बनाने तथा उनकी बहुमुखी प्रतिभाओं को तराशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेतर्् में तीरंदाजी की प्रतिभाएं हैं, उन्हें उचित प्रशिक्षण दिया जावें। उन्होंने इस अंचल में शिक्षा, संस्कृति, कृषि, आयुर्वेद इत्यादि के क्षेतर्् में भी प्रयास करने की आवश्यकता जताई वहीं पश्चिम क्षेतर्् सांस्कृतिक केन्द्र के अधिकारियों को अधीनस्थ राज्यों की लोक कलाओं का सामूहिक प्रदर्शन करवाते हुए लोगों को इस प्रकार की कलाओं के संरक्षण के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।

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