जयपुर के नौजवानों में बढ़ रहा क्रिकेट सट्टे का शौक

आज राजधानी जयपुर में कई परिवारों के नौजवान क्रिकेट पर जुआ-सट्टा लगाने के एक तरह एडिक्ट हो गये हैं और वह भी इतने हद से ज्यादा की अपनी तमाम जमा पूँजी और यहाँ तक की पुश्तैनी जायदाद तक दाँव पर लगाकर हार चुके हैं। राजधानी जयपुर तो क्रिकेट सट्टे वालों का गढ़ बन गया है। यहाँ ना तो खेलने वालों की कमी है और ना ही इन्हें खिलाने वालों की जिन्हें की ‘बुकी’ कहा जाता है और यह हमारे शहर के करीब-करीब हर क्षेत्र में मौजूद है। यह पूरी तरह गैर कानूनी व्यावसाय है और यह खेलना और खिलाना दोनों अपराध है।

आज हमारी युवा पीढ़ी जो कि पहले से ज्यादा इन्टेलीजेन्ट और अपने भविष्य के प्रति जागरूक है उसका भी इस तरह क्रिकेट के सट्टे में डुबकियाँ लगाकर अपने और अपने परिवार को तबाह कर लेना हैरान करता है। यह बुकी भी ऐसे युवकों की तलाश में रहते हैं जो सम्पन्न परिवारों के हैं। पहले उन्हें लगातार जिताया जाता है उसके बाद जब वह इस बुरी लत के एडिक्ट हो जाते है तब उनकी उल्टी गिनती शुरू हो जाती है और वह ज्यादातर हारने लगते हैं बीच में कभी-कभार की जीत उन्हें क्रिकेट के सट्टे से बाहर नहीं आने देती, तब उन्हें जब रकम की जरूरत पड़ती है तो यह बुकी ही उन्हें महंगे ब्याज पर रकम उपलब्ध करवा देते हैं। यह ब्याज जिसका मीटर कभी रूकता नहीं है यह चलता ही रहता है और सट्टा खेलने वालों के सिर पर कर्ज का बोझ बढ़ता ही जाता है जो कि एक दिन उन्हें सड़क पर लेकर आ जाता है। शहर में कुछ आत्महत्याओं, तलाक, हत्याओं, युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवत्ति के पीछे का सच जाना जाये तो उनके पीछे यह क्रिकेट का सट्टा ही छिपा बैठा है। यह हमारे समाज को दीमक की तरह चट कर रहा है। अभी तो कई किशोर उम्र के बच्चे भी इसमें नजर आने लगे हैं। हैरानी है इनके अभिभावक इन सब पर ध्यान ही नहीं दे रहे, जिसकी पॉकेट मनी ही पाँच सौ रुपये है वह हजारों रुपये के सट्टे लगा रहा है जिसके चलते उसकी जिन्दगी में बदलाव आ जाता है, इन सब पर परिवारजनों को नजर रखनी चाहिए ।

क्रिकेट के सट्टे में सबसे बड़ा नुकसान है कि इसमें बुराई नजर नहीं आती जबकि शराब, सिगरेट इत्यादि नजर आ जाती है। हमें इन्हें समाज से अब उखाड़ फेंकना है वरना यह हमारे पूरे समाज को तबाह कर देगा। पुलिस और सरकार के भरोसे नहीं बैठे और बस! अपने नौजवानों का ध्यान रखे साथ ही अगर कोई आपके क्षेत्र में क्रिकेट या अन्य तरह का सट्टा लगा रहा है तो उसकी सूचना निकटतम पुलिस थाने में देवें।

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